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अंतरराष्ट्रीयजय भगवान : कबड्डी से छुई आकाशीय बुलंदी, जानिए पूरा परिचय

जय भगवान : कबड्डी से छुई आकाशीय बुलंदी, जानिए पूरा परिचय

जय भगवान : कबड्डी से छुई आकाशीय बुलंदी, जानिए पूरा परिचय

Image Source : Google

प्रो कबड्डी लीग वो मंच है जहां देश और दुनिया के कबड्डी खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं और अपनी पहचान बनाते हैं. ऐसे में देश के राजस्थान राज्य में से भी खिलाड़ियों ने इस लीग में अपनी जगह बनाई है. और इतना ही नहीं अपना सिक्का जमाया है. ऐसे में प्रो कबड्डी लीग में दिग्गज खिलाड़ियों के बीच राजस्थान के खिलाड़ी ने अपनी ख़ास पहचान बनाने में सफलता हासिल की है. बात करें युवा खिलाड़ी जय भगवान कि तो मुण्डावर के रहने वाले जय ने यू मुम्बा की तरफ से प्रो कबड्डी लीग में प्रवेश किया था. पिछले सीजन में उन्होंने शानदार खेल दिखाया और इसी वजह से उनका चयन जूनियर कबड्डी टीम में भी हो गया है.

खेलो इंडिया के खिलाड़ी को मिला PKL में मौका

विवो प्रो कबड्डी लीग सीजन 9 के लिए चयनित हुए खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2022 के सिर्फ एक खिलाड़ी जय भगवान ने बेंगलुरु के श्री कांतीरवा इंडोर स्टेडियम में अपने शुरूआती दो मैचों में यू मुम्बा के लिए अपने प्रदर्शन से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया था.

18 साल के इस धुरंधर रेडर ने अब तक इस सीजन के टूर्नामेंट में 11 रेड अंक हासिल कर लिए हैं. हालांकि विवो प्रो कबड्डी लीग में खेलने जय भगवान के लिए आसान नहीं रहा है. खेलों इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2022 में कोटा विश्वविद्यालय की टीम का हिस्सा रहें भगवान ने इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि, ‘यह मेरे लिए एक कठिन समय था जब मेरे पिता का निधन हो गया था. मैंने उस समय अपने अभ्यास सत्र कम कर दिए थे लेकिन मेरे बड़े भाई ने मुझसे कहा कि अभ्यास करते रहो और कड़ी मेहनत करो.’

खिलाड़ी ने किया अपने पिता का सपना पूरा

भगवान ने आगे कहा कि, ‘मेरे पिता मुझे टीवी पर खेलते हुए देखना चाहते थे. मैंने उनका एक सपना पूरा किया है. वह भी चाहते थे कि मैं भारत के लिए खेलूं.’ राजस्थान के इस खिलाड़ी ने अपनी यात्रा के बारे में बात करते हुए कहा कि, ‘पहले मैंने इसके बाद मैंने अच्छे से ट्रेनिंग ली. मैं यू मुम्बा प्रबन्धन की वजह से विवो प्रो कबड्डी लीग सीजन में खेलने के लिए तैयार हूं.’

युवा खिलाड़ी भगवान ने यह भी कहा कि, ‘मैं विवो प्रो कबड्डी लीग में खेलकर वास्तव में खुश हूं. और मैं यू मुम्बा टीम का हिस्सा बनकर और भी खुश हूं क्योंकि इस फ्रेंचाइजी वास्तव में अच्छा है.’ उन्होंने आगे बताया कि, ‘पहले गेम में थोडा मैं नर्वस था. लेकिन हमारे कोच ने मुझे आत्मविश्वास दिया.’

खेलो इंडिया गेम्स का आयोजन किया गया था. जिसमें राजस्थान के अलवर जिले के निवासी जय भगवान ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया है. इस जीत के साथ ही उन्होंने कहा कि 14 साल की उम्र से ही कबड्डी खेल रहे हैं. घर की आर्थिक स्थित ठीक नहीं थी. इसके चलते उन्होंने कबड्डी को बारीकी से सीखा और इसे ही अपने करियर के रूप में चुना था. अपने कौशल के चलते उन्होंने युवा कबड्डी सीरीज के समर एडिशन में जगह भी बना ली थी.

जय भगवान ने जीता खेलो इंडिया गेम्स में गोल्ड

इस सीरीज में जगह बनाने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा था और प्रो कबड्डी लीग में भी जगह बना ली थी. प्प्रो कबड्डी लीग में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था. उन्होंने आगे बात करते हुए कहा कि, ‘मेरे पिता मेरी सबसे बड़ी ताकत थे उन्होंने मुझे काफी सराहा दिया था. लेकिन आज वह मेरे साथ नहीं हैं.’

बता दें जय भगवान को स्कूल के समय से ही कबड्डी खेलने का शौक था. तब भी उन्होंने स्कूल की ओर से कई मेडल और खिताब अपने नाम किए थे. जूनियर टीम से उन्होंने नेशनल में जगह बनाई थी. जय भगवान को कोरोना काल के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा था. इसके बाद खेलों इंडिया में उन्होंने कोटा यूनिवर्सिटी की ओर से प्रदर्शन किया था. जिसमें भी उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया था. इतना ही नहीं वह प्रो कबड्डी लीग में यू मुम्बा की ओर से खेलते हैं.

टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर बटोरी लाइमलाइट

18 साल के इस धुरंधर रेडर ने अब तक इस सीजन के टूर्नामेंट में टीम के लिए कई रेड अंक हासिल किए थे. हालांकि विवो प्रो कबड्डी लीग में खेलने जय भगवान के लिए आसान नहीं रहा है. उन्होंने काफी मेहनत और लगन के साथ ही इस मुकाम को हासिल किया है. खेलों इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2022 में भी उनके प्रदर्शन को सराहा गया था.

बता दें ईरान के खिलाफ हुए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने 41-32 से जीत हासिल की थी. जय भगवान का इसमें प्रदर्शन काफी शानदार रहा था. उन्होंने जिले का ही नहीं देश का नाम भी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी बढ़ाया है. गोल्ड की जीत की ख़ुशी में गुरुवार को शाम पांच बजे उनका जोरदार स्वागत किया गाय था. गांव पहुंचने पर उनके गांववासियों ने ढोल-नगाड़ों से उनका स्वागत किया था. स्थानीय इंदिरा गांधी स्टेडियम में उनका स्वागत समारोह किया गाय था. इसके साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित भी किया था.

जय भगवान ने शुरू से ही अपने लक्ष्य को साध कर रखा हुआ था. जिसके चलते उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा था. इसके साथ ही खिलाड़ियों का भी साथ उन्हें मिलता गया था. अपनी प्रतिभा और प्रदर्शन के चलते वह अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम बनाते गए थे. इसके साथ ही खिलाड़ियों को आगे बढने के लिए भी उन्होंने प्रेरित किया था.

टीम इंडिया में जगह बनाना है जय का लक्ष्य

बता दें उनके परिवार का साथ और उनके पिता की विशेष अनुकम्पा से वह इस लक्ष्य को  प्राप्त कर पाए थे. आने वाले प्रो कबड्डी लीग के सीजन में भी वह अच्छा प्रदर्शन करने के लिए तत्पर है. उन्होंने अपने क्षेत्र में कई युवाओं को भी प्रोत्साहित किया है कि वह खेल में अपना करियर बनाए. इसके साथ वह अगले सीजन में किस टीम का हिस्सा होंगे इसके लिए भी वह उत्सुक है. उनका मानना है कि टीम चाहे जो भी हो उन्हें अपनी प्रदर्शन पर फोकस करना है और अच्छा प्रदर्शन कर टीम इंडिया में जगह बनानी है.

इसके साथ ही उनका लक्ष्य है कि वह प्रो कबड्डी लीग में अच्छे खिलाड़ी कि भूमिका निभाए और अपनी टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाए.

Yash Sharma
Yash Sharmahttps://prokabaddilivescore.com/
मुझे 12 साल की उम्र से ही इस खेल में दिलचस्पी है। मैं प्रो कबड्डी का फैन हूं।

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