ads banner
ads banner
ads banner buaksib
ads banner
ads banner buaksib
ads banner
अंतरराष्ट्रीयकोटा ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में जीता रजत, चौधरी बंसीलाल बनी...

कोटा ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में जीता रजत, चौधरी बंसीलाल बनी विजेता

कोटा ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में जीता रजत, चौधरी बंसीलाल बनी विजेता

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का समापन शानदार तरीके से हुआ.

देशभर के विश्वविद्यालयों ने खेलों के दूसरे संस्करण में भाग लिया

और अपने मैंचों में कड़ी टक्कर दी. जैन यूनिवर्सिटी बैंगलोर ने स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड

टेक्नोलॉजी कैम्पस और कनकपुरा रोड पर स्पोर्ट्स स्कूल कैम्पस में उनिवेरिस्टी गेम्स की मेजबानी की.

बात करें पुरुष खेलों की तो फाइनल में कोटा विश्वविद्यालय बनाम चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय था.

कोटा के लड़कों ने खुद को टूर्नामेंट में सबसे मजबूत साबित किया था लेकिन एक हार के बाद

रजत पदक के साथ घर वापस जाना पड़ा. अंतिम सीटी सीबी विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों के पक्ष

में समाप्त हुई क्योंकि उन्होंने 52-37 के स्कोर के साथ जीत हासिल की.

वहीं बात करें महिला खेलों के फाइनल मुकाबले की तो लड़कियों ने फाइनल में महर्षि

दयानंद विश्विद्यालय को हराकर शीर्ष स्थान हासिल किया. अपने शीर्ष कौशल के उन्होंने

एक रोमांचक मुकाबले में फाइनल को एकतरफा खेल में बदल दिया.

40 मिनट के खेल के बाद स्कोर 46-19 रहा. जो कि समाप्ति के बाद उनके पक्ष में रहा.

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी का आयोजन

इससे पहले सेमीफाइनल मुकाबलों की बात करें तो कोताके खिलाड़ियों ने

सीवी रमन विश्वविद्यालय के लड़कों पर खुदको हावी रखा और सेमीफाइनल का शुरुआती गेम जीता था.

अपना दबदबा कायम रखते हुए कोटा विश्वविद्यालय की टीम ने फाइनल में प्रवेश किया था.

वहीं दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय

और गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में से चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की टीम हावी नजर आई.

चौधरी बंसीलाल की टीम ने विरोधी टीम के खिलाड़ियों पर दबाव बनाना कायम रखा

जिसके फलस्वरूप वह विजेता बनी. 41-35 के स्कोर के साथ ही चौधरी बंसीलाल की टीम विजेता बनी थी.

शुरू से बनाए रखा दबाव

हमारी तरफ से विजाताओं को बहुत बहुत शुभकामनाएं हैं. जिन्होंने खेलो

इंडिया उनिवेरिस्टी गेम्स 2022 में भाग लिया और अच्छा प्रदर्शन किया उन्हें भी बहुत-बहुत बधाई है.

वहीं खेल प्रबन्धन और अधिकारियों को भी बहुत बहुत धन्यवाद जिन्होंने इस खेल को कामयाब बनाया.

Yash Sharma
Yash Sharmahttps://prokabaddilivescore.com/
मुझे 12 साल की उम्र से ही इस खेल में दिलचस्पी है। मैं प्रो कबड्डी का फैन हूं।

प्रो कबड्डी न्यूज़ इन हिंदी

कबड्डी हिंदी लेख