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खिलाड़ियोंरेवाड़ी में खिलाड़ियों को नहीं मिल रहा 'गुरु', 300 खिलाड़ियों का भविष्य...

रेवाड़ी में खिलाड़ियों को नहीं मिल रहा ‘गुरु’, 300 खिलाड़ियों का भविष्य अन्धकार में

रेवाड़ी में खिलाड़ियों को नहीं मिल रहा ‘गुरु’, 300 खिलाड़ियों का भविष्य अन्धकार में

हरियाणा राज्य जो कि खेलों का राज्य कहलाता है जहां से हर कोई खेल में या सेना में जाना चाहता है. इस राज्य के हर जिले से कोई ना कोई खिलाड़ी राज्य, राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जरुर लाता है. लेकिन वहीं पर रेवाड़ी जिले में खिलाड़ियों को ट्रेन करने के लिए प्रशिक्षक नहीं है. ऐसे में खिलाड़ियों को सिखाने वाला कोई नहीं है इसके चलते खिलाड़ी अपना भविष्य खराब कर रहे हैं. रेवाड़ी जिले के तुलाराम स्टेडियम में खेलों के प्रशिक्षक नहीं होने से खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जबकि बता दें कि जिले भर में विभिन्न खेलों के 23 कोच कार्यरत हैं.

रेवाड़ी के स्टेडियम में है कई कमियां, खिलाड़ियों ने की मांग

राव तुलाराम स्टेडियम में कबड्डी ही नहीं क्रिकेट, बैडमिंटन के कोच काफी सालों से कार्यरत नहीं है. जिसके चलते खिलाड़ियों को एक गुरु की कमी खल रही है. यहाँ पर अन्य कई खेलों के कोर्ट तो मौजूद है लेकिन शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थी और खिलाड़ी कोचिंग नहीं ले पा रहे हैं. वहीं यहाँ पर खेले जाने वाले खेलों की संख्या भी ज्यादा है लेकिन उनको खेलने के पर्याप्त मैदान भी नहीं है. इसको देखते हुए स्टेडियम में और जगह की जरूरत बताई गई है. आज की तारीख में इस स्टेडियम में 12 खेलों के कोच कार्यरत है.
यहाँ पर एक हाल बना हुआ है जो बहुउद्देशीय काम में आता है जिसमें कई प्रतियोगिताओं के आयोजन होते रहते है. लेकिन वह एक ही होने से वहां पर जगह की कमी खलती है. इसके अलावा कबड्डी ही नहीं अन्य खेलों का भी यही हाल है. किसी में संसाधनों की कमी है तो किसी खेल में शिक्षक की कमी खिलाड़ियों को खलती है. रेवाड़ी जिले के इस राव तुलाराम स्टेडियम में लगभग 300 से ज्यादा खिलाड़ी प्रशिक्षण लेने आते हैं.
यहाँ के खिलाड़ियों में लड़कों और लड़कियों दोनों की लगभग समान संख्या है. और दोनों वर्गों का खेलों में अच्छा रुझान है. इसके चलते सरकार से गुजारिश है कि जल्द से जल्दी इन खिलाड़ियों की मांग को पूरा किया जाए. ताकि इन्हें उचित मार्गदर्शन मिल सके. और वे भी विभिन्न खेलों में भाग लेकर क्षेत्र, राज्य और देश का नाम रोशन कर सके.

Yash Sharma
Yash Sharmahttps://prokabaddilivescore.com/
मुझे 12 साल की उम्र से ही इस खेल में दिलचस्पी है। मैं प्रो कबड्डी का फैन हूं।

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